वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill): संसद में गरमाया माहौल, विपक्ष और सरकार आमने-सामने
“वक्फ संशोधन विधेयक(Waqf Amendment Bill), 2025, संसद में भारी बहस और विवाद के बीच पारित हो गया। इस विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के हित में बताया, जबकि विपक्ष ने इसे ‘असंवैधानिक’ और ‘अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला’ करार दिया।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं और बच्चों के लिए लाभकारी होगा। वहीं, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह विधेयक वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता को कमजोर करेगा और मुसलमानों के धार्मिक मामलों में सरकार का हस्तक्षेप बढ़ाएगा।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे पर हमला है। यह अल्पसंख्यक समुदायों को बदनाम करने और समाज को विभाजित करने का प्रयास है।’ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे ‘वक्फ बर्बाद विधेयक’ करार दिया और कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ साजिश है। उन्होंने विधेयक की प्रति फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
सरकार ने दावा किया कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करेगा और उनके दुरुपयोग को रोकेगा। हालांकि, विपक्ष ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर हमला बताया और इसे लेकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी।
इस विधेयक पर संसद और सड़कों पर हो रही बहस ने देश के लोगों को बांट दिया है। कुछ इसे ‘जरूरी सुधार’ मानते हैं, जबकि अन्य इसे ‘अल्पसंख्यक विरोधी’ बताते हैं। अब देखना यह है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कितना लाभकारी साबित होता है, और क्या सरकार और विपक्ष के बीच इस विषय पर किसी प्रकार का समझौता संभव है।”